द्रौपदी मुर्मू ‘प्रचंड’ में सवार — लड़ाकू हेलीकॉप्टर में को-पायलट बनने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति

वायुशक्ति-2026 से पहले राजस्‍थान के जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन पर ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू में सवार हुईं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राजस्थान दौरे में शुक्रवार सुबह जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर, स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड' से उड़ान भरी. द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली राष्‍ट्रपति हैं, जो लड़ाकू हेलीकॉप्टर में को-पायलट बनी हैं. उनके लिए करीब 25 मिनट की विशेष सोर्टी निधार्रित की गई.  राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. 

जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम

राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.

दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर

 एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी.

राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति

 राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.