शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले की इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने भीड़ को देखकर ओपन कोर्ट में सुनवाई करने से मना कर दिया। वे अपने चैंबर में मामले को सुन रहे हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद ने 24 फरवरी को हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। राज्य सरकार के वकील ने जमानत का विरोध किया। वहीं शंकराचार्य के वकील ने कहा, यह केस एक धर्मगुरु का है, न कि किसी अपराधी का। पूरा मामला साजिश का है।
दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की FIR दर्ज की थी।
इससे पहले, शंकराचार्य के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अजीत कुमार सरोज को पुलिस ने करीब 20 घंटे बाद जंसा थाना क्षेत्र के रेसीपुर से पकड़ा। आरोपी लॉ का छात्र है। वाराणसी कचहरी में ही प्रैक्टिस करता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया- पड़ोसी को फंसाने के लिए यह मैसेज भेजा था।
बता दें कि श्रीनाथ त्रिपाठी को बुधवार देर रात जान से मारने की धमकी मिली थी। उनके मोबाइल पर आए मैसेज में लिखा था- वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी।
जानिए पूरा मामला
प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई।
FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आ गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। 'आज तक' को दिए इंटरव्यू में दावा किया- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया।