उपभोक्ता जनघोष: MCD के सिटी-एस.पी. जोन में 'संस्थागत भ्रष्टाचार' का बोलबाला: अवैध निर्माण को 'सेफ पैसेज' देने का आरोप, कमिश्नर से शिकायत
नई दिल्ली | कश्मीरी गेट स्थित लोथियन रोड पर एक विशाल अवैध व्यावसायिक परिसर के निर्माण ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के बिल्डिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'लोकतंत्र फाउंडेशन' की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री सबा मलिक ने निगम आयुक्त और सतर्कता विभाग (Vigilance) को पत्र लिखकर अवर अभियंता (JE) वकार खान और अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्य आरोप: नोटिस के बाद भी पूरी हुई बिल्डिंग
सबा मलिक ने अपनी शिकायत में कहा है कि संपत्ति संख्या 2789-2790, लोथियन रोड पर मास्टर प्लान-2021 की धज्जियां उड़ाकर बेसमेंट सहित चार मंजिला अवैध इमारत खड़ी कर दी गई।
दिखावटी कार्रवाई: विभाग ने मई 2025 में 'Show Cause' नोटिस तो जारी किया, लेकिन धारा 344(2) के तहत पुलिस बल का उपयोग कर काम नहीं रुकवाया।
मिलीभगत का संदेह: नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण पूरा होना यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने बिल्डर को विधिक संरक्षण (Legal Protection) प्रदान किया।
आर्थिक अपराध: शिकायत में JE और AE के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति की जांच और 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
आम जनता के लिए खतरा
लोकतंत्र फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि अब इस अवैध बिल्डिंग में दुकानें बेची जा रही हैं। यदि इसे तुरंत 'सील' नहीं किया गया, तो भविष्य में खरीदारों की गाढ़ी कमाई डूब सकती है और कानूनी पेचीदगियां बढ़ेंगी।
"यह केवल एक बिल्डिंग का मामला नहीं है, बल्कि पद के दुरुपयोग और वित्तीय जोखिम का है। हमने मांग की है कि उक्त संपत्ति का बिजली-पानी का कनेक्शन काटा जाए और दोषी अधिकारियों पर 'Major Penalty' लगाई जाए।
