कुवैत की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कई यूनिट्स में भीषण आग लगी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होने की बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस जंग में सबसे अधिक खाड़ी देश प्रभावित हैं। शुक्रवार सुबह कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने बताया कि आज सुबह मीना अल-अहमदी रिफाइनरी को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया, जिसके चलते कई यूनिट्स में आग लग गई।

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में लिखा, "आज सुबह मीना अल-अहमदी रिफाइनरी को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया, जिससे कई यूनिट्स में आग लग गई और एहतियात के तौर पर सुविधा के कुछ हिस्सों को बंद करना पड़ा।

किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है, और आपातकालीन टीमें स्थापित सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थिति को काबू में करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।"

'अमेरिका को सैन्य अड्डे देना आक्रामकता का कृत्य है'

ईरान के विदेश मंत्री ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अमेरिका को सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति देना, इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होना माना जाएगा। ईरानी विदेश मंत्री ने UK के अपने समकक्ष के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि 'अमेरिका को सैन्य अड्डे देना आक्रामकता का कृत्य है'।

खतरे में खाड़ी देश

बताते चले कि इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। इससे पहले, बुधवार रात को इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था, इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया।

इसके बाद गुरुवार को CNN ने बताया कि एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल ने उत्तरी इजरायल में एक प्रमुख तेल रिफाइनरी परिसर पर हमला किया। ईरानी मिसाइल ने हाइफा तेल रिफाइनरी परिसर को निशाना बनाया।

अब बिल्कुल संयम नहीं बरतेंगे

वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से निशाना बनाया गया, तो बिल्कुल भी संयम नहीं बरता जाएगा।" अराघची ने कहा कि इजरायल के हमले के जवाब में अभी तक ईरान ने अपनी शक्ति का सिर्फ एक छोटा हिस्सा इस्तेमाल किया था।