हंतावायरस से संक्रमित जहाज पर सवार थे 2 भारतीय यात्री

अटलांटिक महासागर में सफर कर रहे डच फ्लैग वाले क्रूज शिप MV Hondius पर हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। जहाज पर मौजूद यात्रियों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

यह जहाज फिलहाल स्पेन के कैनरी आइलैंड की ओर बढ़ रहा है और 10 मई तक वहां पहुंचने की संभावना है। वहां पहुंचने के बाद सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों की मेडिकल जांच की जाएगी। World Health Organization ने कहा है कि मामला गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है।

नीदरलैंड के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भर्ती मरीजों का इलाज कर रहीं डॉक्टर Karin Ellen Veldkamp ने बताया कि हंतावायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है। उन्होंने कहा कि इंसान से इंसान में इसका संक्रमण फैलना बेहद मुश्किल होता है और इसकी तुलना कोविड-19 से नहीं की जा सकती।

डॉक्टरों के मुताबिक संक्रमित मरीजों को विशेष आइसोलेशन रूम में रखा जा रहा है, जहां प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उनकी निगरानी कर रहा है। मरीजों को तब तक अलग रखा जाएगा, जब तक उनमें लक्षण बने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड लंबा हो सकता है, इसलिए संक्रमित लोगों को करीब 40 दिनों तक क्वारंटाइन में रखने की सलाह दी गई है।

Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड छह हफ्ते तक हो सकता है। इसी वजह से आने वाले दिनों में और मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है।

WHO के अनुसार मौत के मामलों में हंतावायरस के एंडीज स्ट्रेन का शक है। यह स्ट्रेन मुख्य रूप से अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है और बाकी हंतावायरस से अलग माना जाता है, क्योंकि कुछ परिस्थितियों में यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि इसका संक्रमण कोरोना वायरस जितनी तेजी से नहीं फैलता।

जांच में सामने आया है कि शुरुआती संक्रमित दंपती जहाज पर सवार होने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। विशेषज्ञों के मुताबिक इन क्षेत्रों में ऐसे चूहे पाए जाते हैं, जो इस वायरस को फैलाने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब उनकी यात्रा और संपर्कों की जांच कर रही हैं।

करीब सात हफ्तों से यात्रा कर रहा यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। जहाज दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों से गुजरते हुए अटलांटिक पार कर यूरोप की ओर बढ़ रहा है। इसमें कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं।

पहले मृतक की मौत जहाज पर ही हुई थी, जिसके बाद शव को सेंट हेलेना द्वीप पर उतारा गया। बाद में उसकी पत्नी दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, लेकिन एयरपोर्ट पर उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। क्रूज ऑपरेट करने वाली Oceanwide Expeditions ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर मौजूद है।

WHO ने एहतियात के तौर पर सेंट हेलेना में उतरे यात्रियों को लेकर 12 देशों को अलर्ट जारी किया है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं।