सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पत्नी अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद थीं। दोनों ने भी पिता की चिता पर लकड़ी रखी।
हालांकि, अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ध्रुव कुमार तिवारी ने दैनिक भास्कर से कहा था- अगर अखिलेश यादव या उनके बेटे से मुखाग्नि दिलाई जाए तो ज्यादा अच्छा होगा।
इससे पहले, प्रतीक की अंतिम यात्रा निकाली गई। हजारों समर्थक साथ-साथ चले और 'प्रतीक यादव अमर रहे' के नारे लगाए। शिवपाल के बेटे आदित्य ने शव को कंधा दिया।
प्रतीक के घर से कुछ दूरी पर ही सपा कार्यालय है। शव को कुछ देर के लिए वहां जमीन पर रखा गया। परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है।
प्रतीक एनिमल लवर थे। शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई। सुबह शव को अंतिम दर्शन के लिए घर में रखा गया। दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने प्रतीक को श्रद्धांजलि दी। शिवपाल और डिंपल यादव ने भी अंतिम दर्शन किए। रात में पत्नी अपर्णा दोनों बेटियों के साथ शव के पास बैठी रहीं।
प्रतीक का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनके शरीर पर 6 चोटें पाई गईं, जो मौत से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।
प्रतीक, मुलायम यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। पत्नी अपर्णा भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है।
प्रतीक को 13 दिन में दो बार दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था। इससे पहले, 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते गिर पड़े थे। तब मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया था कि प्रतीक को दिल का दौरा पड़ा है।
ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे
प्रतीक की मां साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। 1990 में चंद्रप्रकाश गुप्ता और साधना का तलाक हो गया। इसी दौरान साधना और मुलायम की करीबी हो गई। 2003 में मुलायम सिंह ने साधना गुप्ता से शादी कर ली और सार्वजनिक तौर पर प्रतीक को बेटे का हक दिया था।
प्रतीक ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का शौक था। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। प्रतीक का रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। 2022 के चुनावी हलफनामे में अपर्णा और प्रतीक की चल-अचल संपत्ति 23 करोड़ रुपए बताई गई थी।
प्रतीक ने अपर्णा से 14 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था-‘All is Good’, यानी सब अच्छा है।