पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश 19 मई को जारी किया गया, जिसकी जानकारी गुरुवार को सार्वजनिक हुई। नए नियम के तहत सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाना जरूरी होगा।
अब तक इन मदरसों में सुबह की असेंबली के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा का बांग्ला गीत ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ गाया जाता था। हालांकि नए आदेश के बाद सभी संस्थानों को ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा और इसकी अनुपालन रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी।
इस फैसले को राज्य सरकार के हालिया बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णयों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। पिछले दिनों सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन देने, CAA लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने जैसे फैसले भी लिए हैं।
इसके अलावा राज्य में लंबे समय से लंबित जनगणना प्रक्रिया शुरू करने, सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में 5 साल की छूट देने और IAS-IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने की मंजूरी देने का भी फैसला किया गया है। सरकार ने भारतीय न्याय संहिता समेत नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों को लागू करने का भी निर्णय लिया है।
सरकार ने 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को आर्थिक सहायता या नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं धर्म आधारित कई कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का भी फैसला लिया गया है।
महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत हर महीने ₹3000 की सहायता देने और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी शुरू की जा रही है। साथ ही कई सरकारी बोर्डों और निगमों में पूर्व नियुक्त पदाधिकारियों को हटाने और सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में गोहत्या से जुड़े पुराने कानूनों को लेकर भी नया नोटिस जारी किया गया है, जिसमें बिना फिटनेस सर्टिफिकेट किसी भी मवेशी या भैंस के वध पर रोक की बात कही गई है।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी फरवरी में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए थे। आदेश के अनुसार यदि ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों गाए जाएं तो पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत से करने और इसके सभी छह अंतरे गाने के निर्देश दिए गए थे।