National Investigation Agency की 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पिछले साल हुए Pahalgam आतंकी हमले को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों की हत्या करने से पहले तीनों आतंकी एक पेड़ के नीचे बैठकर खाना खा रहे थे और हमले की आखिरी तैयारी कर रहे थे।
चार्जशीट के अनुसार, हमले से पहले आतंकियों ने अपने स्थानीय मददगारों को कुछ निर्देश दिए और उन्हें थोड़ी दूरी पर रुकने के लिए कहा। इसके बाद तीनों आतंकी मजदूरों के भेष में बैसरन पार्क की ओर बढ़े। उन्होंने कंबल ओढ़ रखे थे, जिनके नीचे हथियार छिपाए गए थे।
जांच में सामने आया कि आतंकियों ने पार्क में दाखिल होने से पहले रास्तों और गतिविधियों का दोबारा निरीक्षण किया। बाद में वे अलग-अलग दिशाओं में फैल गए और पर्यटकों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद जाते समय उन्होंने हवा में गोलियां चलाकर जश्न भी मनाया।
एनआईए के मुताबिक, आतंकियों का मकसद गैर-मुस्लिम पर्यटकों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। चार्जशीट में कहा गया है कि कई पर्यटकों से उनका धर्म पूछा गया और कुछ लोगों को कलमा पढ़ने के लिए भी कहा गया।
जांच एजेंसी ने बताया कि हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकी एक स्थानीय ग्रामीण की ढोक में रुके थे। इस मामले में स्थानीय मददगार परवेज अहमद जोथड़ और उसके रिश्तेदार बशीर अहमद जोथड़ को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों पर आतंकियों को खाना, ठहरने की जगह और अन्य सहायता देने का आरोप है।
चार्जशीट में परवेज अहमद के बयान का भी जिक्र किया गया है। उसने बताया कि 21 मई की शाम उसका रिश्तेदार बशीर अहमद तीन हथियारबंद लोगों को लेकर उसकी ढोक पर पहुंचा था। तीनों उर्दू और पंजाबी बोल रहे थे। उन्होंने पानी, खाना और रात बिताने के लिए जगह मांगी थी।
परवेज के अनुसार, उसकी पत्नी ने आतंकियों के लिए चाय और खाना तैयार किया, जबकि उनके बैग और सामान को घर में छिपाकर रखा गया। आतंकियों ने उन्हें “जिहाद” में मदद करने की बात कही थी।
एनआईए के मुताबिक, हमले से ठीक पहले तीनों आतंकी एक पेड़ के नीचे बैठे और खाना खाने के बाद अपने बैग से कंबल निकाले। उनमें से दो ने घाटी में जाकर गतिविधियों का जायजा लिया और फिर तीसरे आतंकी के पास लौट आए।
चार्जशीट में यह भी बताया गया कि हमले के दौरान एक आतंकी ने सिर पर GoPro कैमरा पहन रखा था। दो आतंकी मेन गेट की ओर बढ़े, जबकि तीसरा जिपलाइन वाले इलाके में गया।
दोपहर 2:23 बजे एक आतंकी ने M-4 कार्बाइन से पहली गोली चलाई। इसके कुछ सेकंड बाद बाकी दो आतंकियों ने AK-47 से फायरिंग शुरू कर दी। एनआईए के मुताबिक, दक्षिण और उत्तर दिशा से की गई इस समन्वित फायरिंग में पार्क में मौजूद लोगों को निशाना बनाया गया।
जांच एजेंसी ने बताया कि भागते समय भी आतंकियों ने कुछ पर्यटकों को रोका और उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। एक व्यक्ति द्वारा कलमा पढ़ने पर उसे छोड़ दिया गया, जबकि दो अन्य लोगों की हत्या कर दी गई।