देश में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और अगले दो दिनों तक राहत मिलने के आसार भी कम नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के 11 राज्यों में तापमान 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 47.6°C और मध्य प्रदेश के नौगांव में 46.8°C रिकॉर्ड किया गया।
दूसरी ओर, बिहार के अररिया, जहानाबाद, नालंदा और सुपौल में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं जम्मू-कश्मीर के Jammu and Kashmir के जोजिला और उत्तराखंड के चमोली व पिथौरागढ़ में बर्फबारी देखने को मिली, जिससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि दूसरा बिहार के आसपास बना हुआ है। इसके अलावा अरब सागर में लो प्रेशर एरिया बनने से कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में बारिश के आसार जताए गए हैं, जबकि महाराष्ट्र और गोवा में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
भीषण गर्मी का असर केवल लोगों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी पड़ रहा है। 45°C से अधिक तापमान में मोबाइल, लैपटॉप और पावर बैंक तेजी से गर्म हो रहे हैं, जिससे बैटरी डैमेज, परफॉर्मेंस में गिरावट और अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
शुक्रवार को दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों की सूची में सभी शहर भारत के दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और हरियाणा के कई शहर सुबह से ही 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गए थे। अकेले उत्तर प्रदेश के 22 शहर इस सूची में शामिल रहे। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के मुताबिक सुबह 10:50 बजे ओडिशा का बलांगीर 45°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा, जबकि दोपहर में विदर्भ के ब्रह्मपुरी में तापमान 47.2°C तक पहुंच गया।
24 और 25 मई को भी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।