BCCI की एंटी करप्शन यूनिट ने IPL मैच के दौरान खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के लिए स्मार्ट सनग्लास के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने 18 मई को सभी टीमों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। यह जानकारी शुक्रवार को सामने आई।
इसके अनुसार मैच के दिन खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैदान के अंदर ड्रेसिंग रूम और डगआउट में जाने से पहले अपने फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट सनग्लास को सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (SLO) के पास जमा कराने होंगे। नहीं तो कार्रवाई होगी और जुर्माना लगाया जाएगा।
प्लेयर्स के देर रात बाहर जाने और होटल रूम में मेहमान बुलाने पर भी रोक लगाई गई है। हाल के दिनों में IPL में कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं। इसी वजह से बोर्ड ने एंटी करप्शन नियमों में सख्ती की है।
वे घटनाएं, जिनके बाद BCCI को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी…
10 अप्रैल : गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर RCB के खिलाफ मैच में मोबाइल चलाते दिखे थे। BCCI की एंटी करप्शन यूनिट ने उन पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।
28 अप्रैल : न्यू चंडीगढ़ में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते नजर आए थे। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है।
कई मौकों पर खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य और गर्लफ्रेंड्स को मैदान, टीम बस और होटल जैसे रिस्ट्रिक्टेड एरिया में देखा गया है।
बोर्ड ने सनग्लास को कम्युनिकेशन डिवाइस माना
बोर्ड ने स्मार्ट सनग्लास को ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग और कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है। क्योंकि, ये मोबाइल डेटा और वाई-फाई से कम्युनिकेशन कर सकते हैं। इनमें लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेजिंग और ऑडियो-वीडियो कॉलिंग की सुविधाएं होती हैं। जो सुरक्षा नियमों के खिलाफ हैं।
सुरक्षा को लेकर पहले भी रहे हैं सख्त नियम
BCCI IPL की साख को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका बढ़ गई है। हर टीम के साथ एक डेडिकेटेड अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। मौजूदा रिपोर्ट बताती है कि इस बार निगरानी तंत्र में सेंध लगाने की कोशिश हुई, जिसे बोर्ड शुरुआती स्तर पर रोकना चाहता है।