बंगाल-ओडिशा में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

मार्च का पहला पखवाड़ा सूखा रहा, कई राज्यों में लू चली और तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा। लेकिन दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम पलट गया।

देशभर में कई सिस्टम बनने से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश-ओले गिर रहे हैं। जिससे तापमान गिरकर 20 डिग्री रह गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी में शनिवार सुबह से कोहरा छाया रहा। तापमान भी 10°C तक गिर गया।

शनिवार को देश के पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है। इनमें ओडिशा-बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट है।

गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 80kmph की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना है। वहीं, ओडिशा में हवाओं की रफ्तार 70kmph हो सकती है। बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं।

इस बीच, दक्षिणी राज्यों और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है, जबकि केरल, तटीय कर्नाटक और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

अगले 7 दिन हीटवेव या लू का अलर्ट नहीं

मौसम विज्ञानी महेश पालावत के अनुसार, महीने के आखिर में एक और पश्चिमी विक्षोभ से बदलाव संभव है। हालांकि एक हफ्ते तक देश में कहीं भी हीटवेव चलने की कोई आशंका नहीं है।

उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में दो दिनों में तापमान में 4-5 डिग्री गिरा है। अगले 2-3 दिन यह 2-3 डिग्री और गिरेगा।

मध्य भारत यानी मप्र, छग व महाराष्ट्र में भी अगले 2 दिन खास परिवर्तन नहीं होगा। गुजरात में अगले 3 दिनों में 5 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा और फिर स्थिर बना रहेगा।

पूर्वी भारत यानी बिहार, झारखंड, प. बंगाल व ओडिशा में दो दिन 2-3 डिग्री कम होगा। उसके बाद 3 दिनों में 4-5 डिग्री बढ़ जाएगा।

हिमाचल में लगातार चौथे दिन बर्फबारी, 25 मार्च तक अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी जारी रही। मनाली, लाहौल-स्पीति और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से हालात सर्दियों जैसे बन गए हैं। अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत जम गई है।

वहीं भुंतर-मनिकरण रोड लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई है और मनाली-रोहतांग रूट पर वाहनों की आवाजाही नेहरू कुंड तक सीमित कर दी गई है। लाहौल घाटी का संपर्क भी कट गया है और सड़कों को साफ करने का काम जारी है।

बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी 1.1 डिग्री और मनाली 3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऊना में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

क्या है पश्चिमी विक्षोभ

भूमध्य सागर, काला सागर और कैस्पियन सागर से वेस्टर्न जेट स्ट्रीम के साथ जो बादल उठते हैं, वे पश्चिम से पूर्व की तरफ आते हैं। जब वे पश्चिमी हिमालय तक पहुंचते हैं तो उन्हें रुकावट मिलती है और पहाड़ों पर बर्फबारी होती है। यदि उनका आकार बड़ा है तो मैदानी इलाकों में बारिश होती है। ऐसा अमूमन नवंबर से फरवरी के बीच और कभी-कभी मार्च में भी हो जाता है। यही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या पश्चिमी विक्षोभ कहलाता है।

अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान

22 मार्च : पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आंधी-तूफान की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और कर्नाटक में गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक, केरल, गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा।

23 मार्च : उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक हो सकती है।


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कुल्लू में भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े, कई घर खाली; 13 सड़कें बंद

हिमाचल के कुल्लू में 24 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात जारी है। इससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात ऐसे हैं कि जिले की कुल 13 सड़कें बंद हो गई हैं।

ग्रामीण इलाकों में 216 ट्रांसफॉर्मर ठप पड़ने से अंधेरा छाया हुआ है। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। भुंतर-मणिकर्ण मार्ग जछनी के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है, जहां दलदल में वाहन फंसने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में बनी हुई है। मठ क्षेत्र से एक बार फिर भूस्खलन शुरू हो गया है।

इससे मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन 15 घरों को खाली करवा दिया है, लेकिन लगातार गिरते मलबे के कारण खतरा अभी भी बरकरार है। सितंबर 2025 की त्रासदी में नौ लोगों की मौत के बाद अब दोबारा भूस्खलन ने लोगों में भय का माहौल और गहरा कर दिया है।

वहीं, मणिकर्ण-बरशैनी मार्ग घटीगढ़ के पास फिर से बंद हो गया है। यह मार्ग पिछले एक वर्ष से बार-बार बाधित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को लगातार दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। एनएचसी चरण-तीन डैम साइट के पास सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।

क्षेत्रवार देखें तो बंजार और मनाली में दो-दो, कुल्लू में पांच और निरमंड में चार सड़कें बंद हैं। प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है और उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।


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राजस्थान-MP में बारिश और ओले गिर सकते हैं

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। राजस्थान में जयपुर सहित कई शहरों में बुधवार देर रात से ही घने बादल छाए हुए हैं। 20 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। ठंडी हवाएं चलने से तापमान 2 से लेकर 9 डिग्री तक गिर गया।

मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश और 3 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान जताया है।

उधर हरियाणा के रेवाड़ी में रात में हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरे। सड़कों पर पानी भर गया। आंधी के चलते सड़कों पर लगे होर्डिंग भी उखड़ गए। बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओले गिरने की संभावना है।

नगालैंड में तूफान-बारिश से तबाही, 46 परिवार प्रभावित

नगालैंड में तेज तूफान और बारिश से 46 परिवार प्रभावित हुए हैं। चुमौकेडिमा और पेरेन जिलों में कई घरों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। मोन जिले के एक सरकारी स्कूल को भी नुकसान हुआ, जिससे मिड-डे मील प्रभावित हुआ। हालांकि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है।

अगले दो दिन मौसम का हाल

20-21 मार्च- मौसम विभाग ने दिल्ली में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है।


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यूपी-दिल्ली को छोड़ पूरे देश में आज बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। IMD के मुताबिक 18 मार्च से स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इस वजह से मौसम विभाग ने आज पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को छोड़कर पूरे देश में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि हिमाचल और छत्तीसगढ़ में ओले गिरने की भी आशंका है।

इधर, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार को भी बर्फबारी हुई। कठुआ के सरथल, हिमाचल के कुल्लू और लाहौल स्पीति में बर्फबारी जारी है।

मेघालय में भी खराब मौसम का असर देखने को मिला। रीभोई में तेज आंधी और भारी बारिश से 1028 घरों को नुकसान हुआ है। करीब 5000 लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान उमलिंग और जिरांग ब्लॉक के गांवों में हुआ।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल

19 मार्च- हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश या बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन इलाकों में 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में भी कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है।

20 मार्च- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ 50–60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70kmph तक पहुंच सकते हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी गरज-चमक, तेज हवाएं 40–50 किमी/घंटा और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है। मध्य प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।


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हिमाचल-बिहार समेत 17 राज्यों में बारिश, गंगोत्री-यमुनोत्री में बर्फबारी

देशभर के राज्यों में पिछले दो दिनों से आंधी, बारिश और ओले गिर रहे हैं। IMD ने मंगलवार को पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 16 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बिहार, झारखंड, सिक्किम, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं।

उत्तरी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में मार्च में हो रही बर्फबारी से सर्दी फिर लौट आई है। बर्फबारी के कारण गुरेज-बांदीपोरा रोड, सिंथन-किश्तवाड़ रोड और मुगल रोड बंद हो गई है। वहीं जोजिला दर्रे पर बर्फ जमने से श्रीनगर-लेह हाईवे भी बंद कर दिया गया।

उत्तराखंड के चमोली में सोमवार रात भी बर्फबारी हुई। बद्रीनाथ धाम का मंदिर परिसर बर्फ की मोटी चादर से ढंक गया है। बर्फबारी के कारण केदारनाथ में तापमान -11°C तक गिर गया है। गंगोत्री-यमुनोत्री में बर्फबारी हो रही है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सोमवार रात बारिश हुई और ओले भी गिरे। बिजनौर में तेज आंधी की वजह से पेड़ उखड़ गए। सहारनपुर में आंधी की वजह से टीन शेड गिरने से पूर्व प्रधान समेत 2 लोगों की मौत हो गई।

हालांकि IMD ने आज मध्य भारत के लिए यानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और गुजरात में कोई चेतावनी नहीं दी है। यहां एक बार फिर तापमान बढ़ सकता है।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल

18 मार्च- छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कुछ जगहों पर गरज के साथ ओले गिरने की आशंका है। राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तराखंड में पर बिजली के साथ 40-50kmph की रफ्तार से आंधी चल सकती है।

19 मार्च- हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में गरज के साथ ओले गिर सकते हैं। उत्तराखंड में कुछ जगहों पर 50-60kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है।


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देश के 6 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, यूपी-बिहार पर भी असर

मौसम विभाग ने देश के उत्तर, पूर्वोत्तर, दक्षिण के 25 राज्यों में सोमवार को आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन राज्यों में 40–50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। साथ ही ओले भी गिर सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में बर्फ देखने गए टूरिस्ट पूरी रात अटल टनल रोहतांग में फंसे रहे। बर्फबारी के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ने से ट्रैफिक रोक दिया गया था। टनल में करीब हजार गाड़ियां थीं।

इधर, सिक्किम के कई इलाकों में रविवार देर शाम तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली पोल तक गिर गए। रकडोंग काफर इलाके में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई।

ओडिशा के मयूरभंज जिले में भी एक बवंडर ने भारी तबाही मचाई। इसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। तेज तूफान के कारण 70 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपर एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण आंधी, बारिश, तूफान और ओले गिरने की घटनाएं हो रही हैं।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, पुडुचेरी में मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। लेकिन यहां गर्मी का असर रहेगा। तापमान 35°C से 40°C के बीच रह सकता है।

रविवार को महाराष्ट्र का अमरावती देश में सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां तापमान 40.6°C दर्ज किया गया।

कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी

कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, कश्मीर और हिमाचल में 21 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है।


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MP-UP में गर्मी का कहर, 40°C पार पहुंचा पारा; हीट स्ट्रोक की चेतावनी

मध्य प्रदेश में तेज का असर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को भी नर्मदापुरम में तापमान लगातार दूसरे दिन 40°C से ज्यादा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक 15 मार्च से प्रदेश का मौसम फिर बदल सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में तेज गर्मी का असर दिखने लगा है। शुक्रवार को प्रदेश में पहली बार दिन का तापमान 40°C से ज्यादा रहा। बांदा का तापमान 40.2°C रहा। इसके अलावा झांसी में 38.3°C और उरई में 37.8°C तापमान रहा। आज भी गोरखपुर समेत 10 जिलों में सुबह धुंध छाई।

राजस्थान के कई शहरों में शुक्रवार को बादल छाए। इससे तापमान में गिरावट हुई। चूरू, अलवर समेत कई शहरों में पारा 2°C से 4°C तक गिरा। मौसम विभाग के मुताबिक आज 5 जिलों में बादल छाने, धूलभरी हवा चलने और बारिश का यलो अलर्ट है। 15 मार्च को 18 जिलों में आंधी-बारिश का संभावना है।

उत्तराखंड के 8 जिलों में आज बारिश-बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग समेत 5 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। राज्य में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान लगभग 17°C के आसपास रहने की संभावना है।

अगले 2 दिन मौसम का हाल…

15 मार्च- दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

16 मार्च- मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में गरज के साथ बिजली का अलर्ट है। महाराष्ट्र में बारिश की संभावना है।


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पहाड़ों पर बर्फबारी: जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ी ठंड

पहाड़ी राज्यों में एकबार फिर बर्फबारी हो रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है। यहां स्नोफॉल के साथ बारिश का भी अलर्ट है।

हिमाचल में 24 घंटे में तापमान 8°C कम हुआ। मनाली का तापमान 12.6°C रहा, इसमें 7°C की कमी आई। वहीं, सोलन में आज हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में बर्फबारी हुई है। आज 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट है। इधर देहरादून में अधिकतम तापमान 34.1°C रहा, यहां गर्मी से लोग परेशान हैं।

राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा में अधिकतम तापमान 39-41°C के बीच रहा। सबसे ज्यादा 39.4 बाड़मेर में रहा। राज्य के 8 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश में आज से हीटवेव का अलर्ट है। नर्मदापुरम में दिन का अधिकतम तापमान 40.2°C और 10 शहरों में तापमान 38°C से ज्यादा रहा। 15 और 16 मार्च को प्रदेश में बारिश की संभावना है।

अगले 2 दिन मौसम का हाल…

14 मार्च- दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क और गर्म रहेगा। बंगाल और नॉर्थ ईस्ट में बारिश या गरज की संभावना है।

15 मार्च- दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की चेतावनी।


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गर्मी से बेहाल पश्चिम भारत: Gujarat–Rajasthan में लू, कई शहरों में 41°C पार

मार्च में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में मार्च के तीसरे हफ्ते में ही पारा 40 का आंकड़ा पार कर गया है। IMD ने गुरुवार को गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के विदर्भ, कर्नाटक और केरल में भी हीटवेव का यलो अलर्ट है।

हालांकि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, असम, मेघालय, अरुणाचल, सिक्किम, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, झारखंड, ओडिशा में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।

गुरुवार दोपहर तक हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति और जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में बर्फबारी जारी है। सोनमर्ग में बर्फ की चादर बिछने से पर्यटक फिर से पहुंचने लगे हैं।

बुधवार को गुजरात के वल्लभ विद्यानगर, राजकोट, सुरेंद्रनगर, बरोडा, अहमदबाद, सूरत और महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 41°C से ज्यादा रहा। देश का सबसे ज्यादा तापमान 42.4°C महाराष्ट्र के नंदुरबार में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम में सबसे ज्यादा बदला हुआ रूप उत्तर प्रदेश में दिखाई दिया, यहां बुधवार से घना कोहरा छाया है। विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। मौसम विभाग के मुताबिक 18 साल बाद मार्च में ऐसे हालात बने हैं।

मेघालय में भी कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर के बीच रही। IMD का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 14 मार्च से एक्टिव हो रहा है। जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।

फरवरी में कम बारिश ने मार्च में गर्मी बढ़ाई

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ कम रहे। इस कारण बारिश कम हुई। इसका असर मार्च में दिख रहा है। बादल न होने से सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और सतह तेजी से गर्म हो रही है।

पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इसमें हवा नीचे दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं बनी रहती हैं। ये हालात तापमान बढ़ाने और हीटवेव के लिए जिम्मेदार हैं।

हीटवेव को ऐसे समझें…

मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40°C या उससे ज्यादा पहुंच जाए। अगर तापमान सामान्य से 4°C से 6°C ज्यादा हो, तो यह लू चलने की वजह बन सकता है।

अलनीनो से जून में गर्मी बढ़ेगी, मानसून भी बिगड़ सकता है

ला-नीना कमजोर हो रहा है। अगले 3 महीने एनसो न्यूट्रल की स्थिति रहेगी, यानी ला-नीना और अलनीनो दोनों ही एक्टिव नहीं रहेंगे। अमेरिकन मौसम एजेंसी नोआ के अनुसार, जून के शुरू में अलनीनो दस्तक दे सकता है। इसी दौरान देश में मानसून आता है।

अलनीनो न सिर्फ मानसून बिगाड़ेगा, बल्कि गर्मी का दौर भी लंबा करेगा। ला-नीना में सामान्य, या फिर सामान्य से ज्यादा बारिश होती है। तापमान सामान्य से कम रहता है। अलनीनो में पारा चढ़ता है और बारिश कम होती है।

अगले 2 दिन मौसम का हाल…

13 मार्च- केरल और आंध्र प्रदेश (विशेषकर तटीय क्षेत्रों) में शुष्क मौसम रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

14 मार्च- दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क और गर्म मौसम रहेगा। बंगाल और नॉर्थ ईस्ट में बारिश या गरज की संभावना है।

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भीषण गर्मी का असर: राजस्थान में 40°C, MP में 39°C से ऊपर पारा

मार्च में ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान में तापमान 40°C से ज्यादा रहा, सबसे ज्यादा बाड़मेर में 40.6°C रहा। तेज गर्मी के साथ-साथ 2 जिलों में हीटवेव और 19 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते से ही तेज गर्मी होने लगी है। ग्वालियर-चंबल में तापमान सामान्य से 6°C से ज्यादा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक 15 मार्च के बाद गर्मी और बढ़ेगी। मंगलवार को धार में पारा सबसे ज्यादा 39°C तापमान रहा। बाकी शहरों में 34°C से अधिक रहा।

उत्तर प्रदेश में मंगलवार को अधिकतम तापमान 38°C से ज्यादा रहा, लेकिन आज सुबह लखनऊ, कानपुर समेत 15 शहरों में धुंध छाई। इसके कारण शाहजहांपुर में बस-कार की टक्कर में 4 लोगों की मौत हुई। उन्नाव में भी 4 वाहनों की टक्कर में 10 लोग घायल हुए।

बिहार में आज 8 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। इनमें गोपालगंज, बेगूसराय और नालंदा शामिल हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा तापमान सुपौल का रहा, जो 32.1°C था। पटना का भी 32°C रहा।

पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट है। उत्तराखंड के देहरादून में दिन का तापमान 31°C रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में दिन का तापमान 35°C तक जा सकता है।

गर्मी क्यों- फरवरी में बारिश कम, एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार असामान्य गर्मी के पीछे कई कारण हैं। फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ कम रहे। इस कारण बादल-बारिश कम हुई। सूर्य की गर्मी सीधे जमीन तक पहुंचने से सतह तेजी से गर्म हो रही है।

पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इसमें हवा नीचे दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं बनी रहती हैं। ये परिस्थितियां तापमान बढ़ाने के लिए अनुकूल रहती हैं।

कब मानी जाती है हीटवेव

मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40°C या उससे ज्यादा पहुंच जाए। अगर सामान्य तापमान से 4°C से 6°C ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।

जून में अलनीनो संभव, गर्मी बढ़ेगी, मानसून भी बिगड़ सकता है

ला-नीना कमजोर हो रहा है। अगले 3 महीने एनसो न्यूट्रल की स्थिति रहेगी, यानी ला-नीना और अलनीनो दोनों ही एक्टिव नहीं रहेंगे। अमेरिकन मौसम एजेंसी नोआ के अनुसार, जून के शुरू में अलनीनो दस्तक दे सकता है। इसी दौरान देश में मानसून आता है।

अलनीनो न सिर्फ मानसून बिगाड़ेगा, बल्कि गर्मी का दौर भी लंबा करेगा। ला-नीना में सामान्य, या फिर सामान्य से ज्यादा बारिश होती है। तापमान सामान्य से कम रहता है। अलनीनो में पारा चढ़ता है और बारिश कम होती है।

अगले 2 दिन मौसम का हाल…

12 मार्च- हिमाचल और जम्मू-कश्मीर बारिश का अनुमान, पूर्वोत्तर में कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश या बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

13 मार्च- केरल और आंध्र प्रदेश (विशेषकर तटीय क्षेत्रों) में मुख्यतः शुष्क मौसम रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की गरज के साथ छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है।


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